मैं जिसकी मुस्कुराहटो पे जीता मरता था,
मगर तुम्हारी छाँव में अब लौट कर नहीं आना…
बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
क्योंकि रोने पर कोई आंसू पोंछने वाला नहीं आता।
ज़िन्दगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा,
थक के बैठ जाऊं तो गले से लगा लेना ए जिंदगी अब किसी से उम्मीद नही रही हमें इस फरेबी जमाने में
रिश्तों की भीड़ में सबसे अकेले हम ही रहे,
मुझसे ज्यादा तुझे मेरी आंखें चाहती हैं
कौन कहता है बरबादी Sad Shayari in Hindi किसी के काम नहीं आती
तेरी यादों के साये मुझे हर रोज़ जलाते हैं।
गुमान तक ना हुवा की वो बिछड़ने वाली है !
फिक्र वो करे जिनके गुनाह परदे में हैं…!
वरना “मेरी जान” लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी मुर्झा जाते है…!
लोगो में अफवाह है के लड़के रोते नही है…!